लालचन्द स्वामी आप हिंदू नववर्ष 2075 की शुभकानाएं देता है
अगर आपको सफलता नहीं मिल रही है तो
👇 Watch Now
https://youtu.be/lc6fLgDPZDU
Lalchand Swami gives you auspicious new Hindu New Year 2075
क्या विडम्भना है भारत की,देख चित घबराता है।
हिन्दू ही भूल गये, नया साल कब आता है।।
शराब, माँस का भोग लगाता एक त्यौहार आ गया।
यह अंग्रेजी नववर्ष हमारे संस्कारों को खा गया।।
अपनी संस्कृति से अपरिचित भ्रमित हिंदुओं द्वारा ही 31 दिसंबर की रात्रि में एक-दूसरे को “हैपी न्यू ईयर” कहते हुए नववर्ष की शुभकामनाएं दी जाती है।
हिन्दू ही भूल गये, नया साल कब आता है।।
शराब, माँस का भोग लगाता एक त्यौहार आ गया।
यह अंग्रेजी नववर्ष हमारे संस्कारों को खा गया।।
अपनी संस्कृति से अपरिचित भ्रमित हिंदुओं द्वारा ही 31 दिसंबर की रात्रि में एक-दूसरे को “हैपी न्यू ईयर” कहते हुए नववर्ष की शुभकामनाएं दी जाती है।
वास्तविकता में भारतीय संस्कृति के अनुसार चैत्र-प्रतिपदा ही हिंदुओं का नववर्ष का दिन है । लेकिन भारतीय वर्षारंभ के दिन चैत्र प्रतिपदा पर एक-दूसरे को शुभकामनायें देने वाले हिंदुओं के दर्शन अब दुर्लभ हो गए हैं ।
ऋषि मुनियों के देश भारत में 31 दिसम्बर को त्यौहार के नाम पर शराब और कबाब उड़ाना, डांस पार्टी आयोजित करके बेशर्मी का प्रदर्शन करना क्या हम हिंदुओं को शोभा देता है???
S.O Chem की रिपोर्ट के अनुसार-
14 से 19 वर्ष के बच्चें इन दिनों में शराब का जमकर सेवन करते है । जिससे शराब की खपत तीन गुना बढ़ जाती है |
14 से 19 वर्ष के बच्चें इन दिनों में शराब का जमकर सेवन करते है । जिससे शराब की खपत तीन गुना बढ़ जाती है |
आँकड़े बताते हैं कि अमेरिका व यूरोप में भारत से 10 गुणा ज्यादा दवाईयां खर्च होती हैं ।
वहाँ मानसिक रोग इतने बढ़ गए हैं कि हर दस अमेरिकन में से एक को मानसिक रोग होता है । दुर्वासनाएँ इतनी बढ़ी है कि हर छः सेकण्ड में एक बलात्कार होता है और हर वर्ष लगभग 20 लाख से अधिक कन्याएँ विवाह के पूर्व ही गर्भवती हो जाती हैं । वहाँ पर 65% शादियाँ तलाक में बदल जाती हैं । AIDS की बीमारी दिन दुगनी रात चौगुनी फैलती जा रही है | वहाँ के पारिवारिक व सामाजिक जीवन में क्रोध, कलह, असंतोष,संताप, उच्छृंखता, उद्यंडता और शत्रुता का महा भयानक वातावरण छाया रहता है |
विश्व की लगभग 4% जनसंख्या अमेरिका में है | उसके उपभोग के लिये विश्व की लगभग 40% साधन-सामग्री (जैसे कि कार, टी वी, वातानुकूलित मकान आदि) मौजूद हैं फिर भी वहाँ अपराधवृति इतनी बढ़ी है क़ि हर 10 सेकण्ड में एक सेंधमारी होती है, 1 लाख व्यक्तियों में से 425 व्यक्ति कारागार में सजा भोग रहे हैं।
31 दिसम्बर की रात नए साल के स्वागत के लिए लोग जमकर दारू पीते है। हंगामा करते है ,रात को दारू पीकर गाड़ी चलाने से दुर्घटना की सम्भावना, रेप जैसी वारदात, पुलिस वप्रशासन बेहाल और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का विनाश होता है और 1 जनवरी से आरंभ हुई ये घटनाएं सालभर में बढ़ती ही रहती हैं ।
जबकि भारतीय नववर्ष नवरात्रों के व्रत से शुरू होता है घर घर में माता रानी की पूजा होती है।शुद्ध सात्विक वातावरण बनता है।
चैत्र प्रतिपदा के दिन से महाराज विक्रमादित्य द्वारा विक्रमी संवत् की शुरुवात, भगवान झूलेलाल का जन्म,
नवरात्रे प्रारंम्भ, ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि की रचना इत्यादि का संबंध है।
चैत्र प्रतिपदा के दिन से महाराज विक्रमादित्य द्वारा विक्रमी संवत् की शुरुवात, भगवान झूलेलाल का जन्म,
नवरात्रे प्रारंम्भ, ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि की रचना इत्यादि का संबंध है।
ऐसे भोगी देश का अन्धानुकरण न करके युवा पीढ़ी अपने देश की महान संस्कृति को पहचाने।
1जनवरी में नया कलैण्डर आता है। लेकिन
चैत्र में नया पंचांग आता है उसी से सभी भारतीय पर्व ,विवाह और अन्य महूर्त देखे जाते हैं । इसके बिना हिन्दू समाज जीवन की कल्पना भी नही कर सकता इतना महत्वपूर्ण है ये कैलेंडर यानि पंचांग।
चैत्र में नया पंचांग आता है उसी से सभी भारतीय पर्व ,विवाह और अन्य महूर्त देखे जाते हैं । इसके बिना हिन्दू समाज जीवन की कल्पना भी नही कर सकता इतना महत्वपूर्ण है ये कैलेंडर यानि पंचांग।
स्वयं सोचे क़ि क्यों मनाये हम एक जनवरी को नया वर्ष..???
केवल कैलेंडर बदलें अपनी संस्कृति नही…!!!रावण रूपी पाश्चात्य संस्कृति के आक्रमणों को नष्ट कर, चैत्र प्रतिपदा के दिन नववर्ष का विजयध्वज अपने घरों व मंदिरों पर फहराएं।
केवल कैलेंडर बदलें अपनी संस्कृति नही…!!!रावण रूपी पाश्चात्य संस्कृति के आक्रमणों को नष्ट कर, चैत्र प्रतिपदा के दिन नववर्ष का विजयध्वज अपने घरों व मंदिरों पर फहराएं।
अंग्रेजी गुलामी तजकर ,अमर स्वाभिमान भर ले हम।
हिन्दू नववर्ष मनाकर खुद में आत्मसम्मान भरले हम।।
हिन्दू नववर्ष मनाकर खुद में आत्मसम्मान भरले हम।।
![]() |
| कैप्शन जोड़ेंLALCHAND GUIDE ON YOUTUBE |
18 मार्च से नवरात्र भी प्रारंभ हो जाएंगे जो 26 मार्च तक चलेंगे
नोएडा। होली के बाद पूरे देश में हिंदू नववर्ष के स्वागत की तैयारियां श्ुारू हो जाएंगी। उसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू हो जाएंगे। सनातन धर्म की मान्यता अनुसार 18 मार्च 2018 से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत् 2075 प्रारंभ होगा। इसके साथ ही 18 मार्च से चैत्र नवरात्र भी प्रारंभ हो जाएंगे जो 26 मार्च तक चलेंगे। ज्योतिष शिवा गौड़ के अनुसार, इस नवीन संवत्सर का नाम विरोधकृत होगा, जो रुद्रविंशतिका का 5वां संवत्सर है। इसके स्वामी चन्द्र हैं।
27 जुलाई को है चंद्र ग्रहण
उनके अनुसार, विक्रम संवत् 2075 के अंतर्गत विरोधकृत संवत्सर में तीन सूर्यग्रहण एवं दो चंद्रग्रहण होंगें। हलांकि, तीनों सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखेंगे। शेष दो चंद्रग्रहण में से केवल एक भारत में दिखेगा, जो 27 जुलाई 2018 को होगा। यह खग्रास चंद्रग्रहण संपूर्ण भारत में दिखेगा।
क्यों कहा जाता है विक्रम संवत्
वहीं, मेरठ के बिलेश्वर नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित हरीश जोशी ने बताया कि भारतीय पंचांग और काल निर्धारण का आधार विक्रम संवत् है। इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश की उज्जैन नगरी से हुई थी। यह कैलेंडर राजा विक्रमादित्य के शासन काल में जारी हुआ था, इसलिए इसे विक्रम संवत् के नाम से जाना जाता हैं। इसके हिसाब से ही हर साल नवरात्र के पहले दिन से ही हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है।
विक्रमादित्य जारी किया था भारतीय कैलेंडर
बताया जाता है कि राजा विक्रमादित्य ने जीत के बाद जब राज्यारोहण किया तब उन्होंने प्रजा के सभी तरह के कर्जों को माफ करने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने नए भारतीय कैलेंडर को जारी किया, जिसे विक्रम संवत् नाम दिया गया। इसे ईसा पूर्व 57 में जारी किया गया। उन्होंने बताया कि आज तक विक्रम संवत् भारतीय पंचाग और काल निर्धारण का आधार बना हुआ हैं। हिंदू नव वर्ष के साथ ही नवरात्र भी प्रारंभ हो जाते हैं। साथ ही बसंत ऋतु के आगमन का संकेत मिलने लगता है। ब्रह्मा पुराण के अनुसार, सृष्टि का प्रारंभ इसी दिन हुआ था। ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि की रचना प्रारंभ करने के दिन से ही नव वर्ष का आरम्भ होना माना जाता है। सतयुग का प्रारंभ भी इसी दिन से माना जाता है।
video: नवसंवत्सर के स्वागत में सजी संवरी स्वर्णनगरी
JAISALMER, RAJASTHAN, INDIA
सजी झांकियां, निकाली रैलियां







टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
MY NAME IS LALCHAND SWAMI FROM BIKANER
AGAR AAPKO POST PASAND HAI YA
I CAN YOU HELP SO COMMENTS ON